नाग पंचमी 2025: पूजा विधि, तिथि, भजन और नागचंद्रेश्वर मंदिर की कहानी । Nag Panchami 2025 Puja and Wishes

नाग पंचमी 2025 – भारत की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक है, जिसमें नाग देवता की पूजा की जाती है। यह पर्व विशेष रूप से सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में नाग पंचमी कब है – यह प्रश्न गूगल पर खूब सर्च किया जा रहा है, तो चलिए जानते हैं इस पर्व से जुडी हर जानकारी इस विस्तृत लेख में।

नाग पंचमी 2025 कब है? । Nag Panchami Kab Hai 2025

नाग पंचमी 2025 में 1 अगस्त (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। यह दिन पंचमी तिथि के साथ-साथ शुक्रवार होने से और भी शुभ माना जा रहा है। इस दिन लोग विशेष रूप से नाग देवता की पूजाअ करते हैं और नागचंद्रेश्वर मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर भक्तों की भीड उमडती है।

नाग पंचमी पूजा विधि । Nag Panchami Puja Vidhi

नाग पंचमी 2025 की पूजा घर में या मंदिर में की जा सकती है। पूजा विधि कुछ इस प्रकार है:

  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें।
  2. दीवार पर या पूजा स्थान पर नाग देवता की चित्र या मूर्ति स्थापित करें।
  3. दूध, चावल, कुशा, दूर्वा, और हल्दी से नाग देवता की पूजा करें।
  4. नागों को दूध चढाना, शिवलिंग पर जल अर्पित करना और भजन गाना इस दिन विशेष  फलदायी माना जाता है।
  5. व्रत रखने वाले लोग दिन भर उपवास करते हैं और केवल फलाहार करते हैं।

नाग पंचमी फोटो और सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं । Nag Panchami Photo & Wishes

आज के डिजिटल युग में लोग Nag Panchami Wishes सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। नीचे कुछ शुभकामनाएं और Nag Panchami Photo शेयर करने योग्य पंक्तियॉं दी जा रही हैं:

Nag Panchami Wishes:

  • “शिव के गले का हार है नाग, जिससे होता दूर हर विपदा का अभाग। नाग पंचमी की शुभकामनाएं।”
  • “मिल जाए जो आशीर्वाद नाग देवता का, तो जीवन में कभी कष्ट नहीं आता । Nag Panchami 2025”
  • “नागों का पूजन है पुण्य का मार्ग, शिव भक्ति का सच्चा संकल्प।”

Nag Panchami Photo Ideas:

  • शिवलिंग पर दूध चढाते भक्तों की फोटो
  • नाग देवता की रंगोली
  • नागचंद्रेश्वर मंदिर की झलक

आप इन फोटो को अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके #NagPanchami2025 जैसे हैशटैग के साथ शेयर कर सकते हैं।

नागचंद्रेश्वर मंदिर की मान्यता । Nagchandreshwar Mandir Story

नागचंद्रेश्वर मंदिर, मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में महाकालेश्वर मंदिर के ऊपरी हिस्से में स्थित है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसे साल में एक दिन – नाग पंचमी के दिन ही खोला जाता है।

इस मंदिर में शिवलिंग के ऊपर नागराज की प्रतिमा विराजमान है और यह पत्थर से बनी हुई अत्यंत प्राचीन मूर्ति है। मान्यता है कि यहां पूजा करने से नागदोष, कालसर्प दोष जैसे ग्रहदोषों से मुक्ति मिलती है।

नाग पंचमी के भजन और भक्ति गीत । Nag Panchami Bhajan

नाग पंचमी 2025 के दिन भक्तजन विशेष भजन और शिव आरती का आयोजन करते हैं। कुछ प्रसिध्द भजन इस प्रकार हैं:

  1. नाग देवता की जय बोलो” – यह भजन नागों के स्म्मान में गाया जाता है।
  2. नागिन सी सीली हवा चली” – यह पारंपरिक भक्ति गीत भी नाग पंचमी पर खूब गाया जाता है।
  3. ॐ नम: शिवाय” – शिव और नाग दोनों के प्रति आस्था का प्रतीक यह महामंत्र दिनभर गूंजता है।

नाग पंचमी 2025 का महत्व । Importance of Nag Panchami

हिंदू धर्म में नागों को देवताओं के समान पूजनीय माना गया है। श्रीकृष्ण, शिव, विष्णु, और मनसा देवी जैसे देवी-देवताओं से नागों का गहरा संबध रहा है।

  • कृष्ण जी ने कालिया नाग का दमन किया था।
  • शिव जी के गले में नाग विराजमान हैं।
  • विष्णु जी शेषनाग पर शयन करते हैं।

इसीलिए नाग पंचमी के दिन नागों को पूजने से पापों से मुक्ति, धन-धान्य की प्राप्ति, और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

नाग पंचमी 2025 से जुडे लोक विश्वास

  • इस दिन नाग को दूध पिलाना शुभ माना जाता है।
  • हल या जमीन खुदाई वर्जित होती है, ताकि नागों को नुक्सान न पहुंचे।
  • महिलाएं नाग देवता से संतान की लंबी उम्र और सौभाग्य की कामना करती हैं।

नाग पंचमी व्रत का फल

इस व्रत से व्यक्ति को कालसर्प दोष से मुक्ति, नागदोष से राहत, और पारिवारिक सुख-शांति की प्राप्ति होती है। व्रतधारी को शिवमंत्र, ॐ नम: शिवाय और नाग मंत्र का जाप करना चाहिए।

नाग पंचमी 2025 एक ऐसा पावन पर्व है जो प्रकृति, आस्था, और परंपरा का संगम है। इस दिन नाग देवता की पूजा कर हम न केवल आपने पूर्वजों का सम्मान करते हैं, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।

यदि आप भी इस वर्ष Nag Panchami Puja करना चाहतें हैं, तो ऊपर दी गई विधि को अपनाएं, Nag Panchami Wishes और Photo अपने प्रियजनों के साथ साझा करें और Nagchandreshwar Mandir के दर्शन का संकल्प लें। अगर आपको इस तरह की पोस्ट पसंद आइ हो तो Khabar Global को विजीट करें।

Leave a comment