SSC Protest क्यों हो रहा है?
हाल ही में एक बार फिर से SSC (Staff Selection Commision) की भर्तियों को लेकर देशभर में युवाओं का आक्रोश सडकों पर नजर आया है। SSC Protest केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और प्रक्रिया की धीमी रफ्तार के खिलाफ एक सशक्त आवाज बन चुका है। लाखों छात्र जो वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वे अब अपने अधिकारों की मांग करते हुए आवाज उठा रहे हैं।
SSC क्या है?
SSC (Staff Selection Commision) भारत सरकार की एक संस्था है जो केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में ग्रुप B और C के लिए कर्मचारी भर्ती करती है। इसके तहत CGL (Combined Graduate Level), CHSL (Combine High Secondary Level), MTS, GH Constable, JE, Stenographer जैसी परीक्षाएं होती हैं।
SSC Protest का इतिहास
SSC Protest कोई नया मुद्दा नहीं है, साल 2018 में भी SSC CGL Tier 2 पेपेर लीक के चलते छात्रों ने दिल्ली के CGO Complex के बाहर बडी संख्या में विरोध किया था। उसी प्रकार, 2023 और 2024 में भी परिणामों में देरी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के चलते विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है।
2025 का SSC Protest: क्या हुआ इस बार?
जुलाई 2025 में एक बार फिर छात्रों का गुस्सा फूटा है। इस बार मुद्दे थे जो बहोत सारे मिडीया आउटलेट के द्वारा रिपोर्ट कि गई है:
- SSC GD 2024 के रिजल्ट में भारी देरी की गई है।
- SSC CGL 2023 के फाइनल रिजल्ट में पारदर्शिता की कमी देखी गई है।
- बार-बार परीक्षा तिथियों में बदलाव
- प्रश्नपत्रों का लीक होना
- चयन प्रक्रिया में धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप
छात्रों ने दिल्ली, लखनऊ, पटना, जयपुर, भोपाल जैसे शहरों में धरने-प्रदर्शन किए गए है। X पर #SSC_Protest, #JusticeForAspirants, #StopSSCScam जैसे हैशटैग़ ट्रेंड करने लगे है।
📣विश्व गुरु बनने की बात करने वाले नेताओ आज गुरुओं ( शिक्षकों) पर लाठीचार्ज करके अपना दोहरा रवैया देश को दिखा दिया।
👉विपक्ष को युवाओं का साथ देना चाहिए।#SSC_System_Sudharo #SSC_VENDOR_FAILURE
pic.twitter.com/ojYD20GivZ— Mahima Yadav (@SinghKinngSP) July 31, 2025
छात्रों की मुख्य मांगें सोशल मिडीया के जरिए रख रहे है
- सभी लंबित भर्तियों का रिजल्ट समय पर जारी किया जाए
- पेपर लीक के मामलों में निष्पक्ष जांच हो
- चयन प्रकिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
- भर्ती प्रक्रिया के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए
- डिजिटल और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए परीक्षा प्राणाली को सुरक्षित बनाया जाए
SSC परीक्षा प्रणाली पर सवाल
हाल के वर्षों में SSC परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं:
- कंम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के बावजूद पेपर लीक होना
- परीक्षा के दौरान तकनीकी गडबडियां
- फाइनल मेरिट में भारी अंतर
- रिजल्ट घोषित करने में 8-10 महीने की देरी
यह सब छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य दोनों को प्रभावित करता है।
सोशल मीडिया पर SSC Protest की गूंज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद कर रहे है। X पर कई वायरल पोस्ट देखने को मिली है:
“हम किसी पार्टी के नहीं, अपने हक के लिए सडकों पर हैं”
“हर साल फार्म भरो, फीस दो और फिर इंतजार करो कि कभी तो जॉइनिंग आएगी”
“जब पेपर लीक ही होना है, तो सालों की मेहनत किस लिए?’
SSC की निष्क्रियता से बढती बेरोजगारी
भारत में युवाओं के बीच बेरोजगारी एक गंभीर संकट है। इस वजह से भर्तियों की धीमी प्रक्रिया इसे और भी बढा रही है:
- हर साल लाखों छात्र SSC की तैयारी करते हैं
- ₹100 – ₹500 प्रति फॉर्म फीस देनी होती है
- कोचिंग, किताबें, किराया – हर महीने हजारों खर्च होते हैं
- फिर भी जॉब का कोई भरोसा नहीं
विशेषज्ञों की राय
कई एजुकेशन एक्सपर्ट्स और पूर्व सरकारी अफसरों का मानना है कि:
- SSC को UPSC जैसी पारदर्शी प्रणाली अपनानी चाहिए
- पेपर लीक रोकने के लिए AI मॉनिटरिंग जरूरी है
- एक निश्चित कैलेंडर जारी किया जाए जिसमें भर्तियों की स्पष्ट समय-सीमा हो
क्या हल हो सकता है?
SSC Protest को स्थायी रूप से रोकने और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए जरूरी है:
- परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति – तीनों चरणों को समयबध्द बनाना होगा
- ऑनलाइन परीक्षा के लिए सुरक्षित प्लेटफॉर्म
- भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कडी कारवाई
- छात्र संगठनो से संवाद स्थापित करना
- परीक्षा कैलेंडर को पब्लिकली अनाउंस कर फॉलो करना
SSC Protest युवाओं की आवाज है, अनदेखी नहीं होनी चाहिए
SSC Protest आज केवल एक प्रदर्शन नहीं बल्कि देश के युवाओं की आवाज है। यह उनकी हताशा, क्रोध और उम्मीदों का प्रतीक है। सरकार और SSC को चाहिए कि वे इस गंभीरता को समझं और बदलाव की दिशा में ठोस कदम उठाएं। केवल परीक्षा आयोजित कर देना ही काफी नहीं, जब तक छात्रों को समय पर, निष्पक्ष और पारदर्शी परिणाम नहीं मिलते – तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।